प्यार से जुड़ी भावनाओं के मनोवैज्ञानिक तथ्य

प्यार से जुड़ी भावना, प्यार के मनोवैज्ञानिक तथ्य: प्यार और प्यार से जुड़ी हमारी भावनाएं दुनिया की सबसे मजबूत ताकतों में से एक हैं और अगर आपने इसको अनुभव किया है तो आपको पता होगा कि प्यार के साथ कितनी खुशियां, मस्ती, कठिनाइयाँ और मुश्किलें भी आती है। 

इसके बावजूद भी ज्यादातर लोगों के लिए प्यार सिर्फ प्यार भरा संबंध मात्र ही है, जिस कारण वे अपने जीवन को सही मुकाम नहीं दे पाते हैं। और आज हम बात करेंगे प्यार के ऐसे कई मनोवैज्ञानिक और आकर्षण के रोचक तथ्यों की जो आपको चौंका कर रख देंगे।

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प्यार से जुड़ी भावना विपरीत लिंग

एक लड़का और लड़की कभी भी दोस्त नहीं बन सकते हैं। यह तथ्य इतना विवादित होने के बावजूद भी सच है। वहीं विकासवादी मनोविज्ञान के हिसाब से अगर हम अपने विपरीत लिंग के किसी सदस्य से लैंगिक दृष्टि से आकर्षित (attract) नहीं है तो हो सकता है कि हमारा दिमाग उन्हें ऐसा समझने लगेगा जैसे वो हमारे समान लिंग के ही हों। 

जैसे- महिलाओं के बारे में रोचक तथ्य यह है कि अगर एक लड़की किसी लड़के को बोले कि वो बस उसकी दोस्त बनकर रहना चाहती है तो वास्तव में इसका मतलब होगा कि मुझे तू मेरी सहेलियों जैसा लगता है और मै तेरे साथ अपने जीन्स शेयर नहीं करना चाहती और 

वहीं लड़कों के बारे में मनोवैज्ञानिक तथ्य यह है कि जब एक लड़का किसी लड़की से आकर्षित नहीं होता है तो वो उस लड़की के साथ साधारण रूप से पुरुष मित्रों की तरह व्यवहार करने लगता है। 

अनुप्टा-फोबिया-

औरतों के बारे में रोचक तथ्य यह है कि हर 05 में से 02 महिलाओं को अनुप्टा-फोबिया होता है यानी इस बात का डर होता है किया तो उनकी कभी शादी नहीं होगी या फिर वह गलत इंसान से शादीकर लेंगी। 

उनमें इस डर के आने का कारण हो सकता हैबचपन में अपने माता-पिता या अन्य किसी दंपत्ति को लड़ते हुए देखना, एक भरोसेमंद साथी या पार्टनर ना ढूंढ पाना या फिर हो सकता है चुने ना जाना या रिजेक्ट महसूस करना। 

संबंध विच्छेद या ब्रेकअप-

अगर मानव स्वभाव के बारे में मनोवैज्ञानिक तथ्यों की बात की जाए तो जब भी आप अपने प्रेम संबंधों को छुपाकर रखते हो तब दोनों साथियों या पार्टनर्स के अंदर प्यार की भावनाएं या संवेदनाएं या रोमांटिक फीलिंग बढ़ने लगती है। 

ऐसे प्रेम संबंध आपके उत्साह और जोश-ख़रोश को काफी लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने या कायम रखने में मदद करतें हैं जिससे आप अपनी खुशियां अपने साथी या पार्टनर के साथ गुप्त रूप से शेयर कर सकते हो और इससे संबंध विच्छेद या ब्रेकअप होने के मौके भी कम हो जाते हैं। 

रंग का इस्तेमाल-

पुरुषों के बारे में रोचक तथ्य एक यह है कि एक पुरुष के लिए दूसरे लिंग को आकर्षित करने के मौके तब बढ़ जाते हैं जब वह अपने पहनावे में नीले रंग का इस्तेमाल करता है। क्योंकि यह रंग स्थिरता, विश्वसनीयता, शांति, आत्मविश्वास और वफादारी को प्रदर्शित करता है या द्योतक होता है।

अवास्तविक उम्मीदें-

प्यार में अंधा होना और अपने साथी या पार्टनर के नकारात्मक विचारों को नजरअंदाज करने का एक अच्छा वैज्ञानिक कारण यह भी है कि आपने जिस इंसान को अपना साथी या पार्टनर के रूप में सोचा था, वह आपके सोचे गए वास्तविक साथी या पार्टनर से बिल्कुल अलग हो। 

तब भी आप इस अधूरे या Imperfect इंसान के प्यार में पागल हो जाते हो और यह इसलिए होता है क्योंकि आप अपनी अवास्तविक उम्मीदें को छोड़कर वंश-वृद्धिया फिर अपनी प्रजाति की उत्तरजीविता पर अपना ध्यान केंद्रित कर सको। 

सकारात्मक संबंध-

जब भी हम बीमार होते हैं या फिर हमें चोट लग जाती है। तब हमें उन लोगों के साथ अपना समय बिताना चाहिए जो हमें प्यार करते हैं। क्योंकि सकारात्मक भावनात्मक संबंध हमारे अंदर ऐसे रसायनों को ट्रिगर करता है जो दर्द निवारककी तरह काम करके हमारे ठीक होने की रफ़्तार को तेज कर देता है।

फेस टू फेस बात-

क्या आप जानते हैं कि पुरुष और महिला दोनों अलग तरह से बैठने पर भावनात्मक संबंध महसूस करते हैं? महिलाएं दूसरे इंसान से ज्यादा जुड़ाव महसूस करती हैं जब वे उनसे face to face बात करती हैं। वहीं पर पुरुष एक दूसरे के बगल में बैठकर भावनात्मक संबंध बनाते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि हजारों सालों से परिवार या समूह को बचाने का कर्तव्य पुरुषों का ही रहा है।

जिस कारण पुरुष आमने-सामने बैठने के बजाय अगल-बगल बैठना ज्यादा पसंद करते हैं ताकि वह अपनी चारों ओर नज़र रख पायें और किसी भी पहलू या खतरे के लिए पहले से ही अपने आपको तैयार कर पाएं। 

सफल संबंध-

सबसे सफल संबंध वो होते हैं जिनमें दोनों साथियों या पार्टनर्स के विश्वास और महत्व एक-दूसरे के समान होते हैं। वहीं अगर आपका पार्टनर आपके काफी ज्यादा समान है या फिर पूरा विपरीत हो तो आपको अपने संबंधों में काफी दिक्कतों या परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

विकासवादी मानव व्यवहार-

ज्यादातर लोगों को यह नहीं समझ आता कि लड़कियों को अपने साथी या पार्टनर में पैसा और पावर पसंद आती है या फिर वे बस उनके स्वभाव को पसंद करती हैं? विकासवादी मनोविज्ञान के अनुसार लड़कियां ज्यादातर मामलों में उन लड़कों को प्रधानता देती हैं जिनका सामाजिक दायरा उनसे ज्यादा हो। 

ऐसा करके उनको इस बात की तसल्ली मिल जाती है कि यह इंसान उसके बच्चों और खुद उसको सुविधाएं दे पाएगा और उन्हें एक सुरक्षित जगह पर रख पाएगा। यानी कि संबंधों की परख करना वास्तव में विकासवादी मानव व्यवहार का उत्तर सिद्धांत है।

देखभाल, करुणा और सहानुभूति-

प्यार या आकर्षण के बारे में तथ्य यह है कि प्यार! एक ऐसी भावना है जिसे हस्तांतरण (Transfer) किया जा सकता है। अगर हम दूसरों के लिए देखभाल, करुणा और सहानुभूति की भावना दिखाते हैं तो इससे उनके अंदर भी यह भावना जागने लगती है 

और इसी के कारण समाज के प्रमुख जन जैसे- महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला- लाखों लोगों को एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित कर पाए।

कम आत्म-सम्मान-

खुद के बारे में रोचक जानकारी यह है कि जो लोग अपने आपको (खुद को) ज्यादा अहमियत देते हैं और अपना सम्मान भी करते हैं। उन लोगों के संबंध ज्यादा सफल होते हैं बजाय उनके, जिनमें अपना सम्मान यानी कम आत्म-सम्मान होता है 

और यह जाहिर होना चाहिए क्योंकि अगर आप खुद को प्यार नहीं कर सकते तो किसी दूसरे इंसान से कैसे अपेक्षित कर सकते हो कि वह आपको प्यार करे 

शारीरिक आकर्षण-

मानव मनोविज्ञान के अनुसार प्यार! जुनून या शारीरिक आकर्षण से काफी अलग होता है क्योंकि शारीरिक आकर्षण हमारे प्यार करने का एक काफी बड़ा और जरूरी भाग होता है पर भावनात्मक प्यार इससे अलग होता है और तभी रात की पार्टियों में अल्कोहॉल या शराब की मदद से जुड़ने वाले संबंध न तो सफल होते हैं और न ही लंबे समय तक टिकते हैं।

भावनात्मक संबंध-

लगभग 75 साल तक चले एक लंबे अध्ययन में पता चला कि एक इंसान की प्रसन्नता, स्वास्थ्य और उसका जीवन में स्थान सिर्फ एक तथ्य के चारों तरफ ही घूमता है। जो है प्यार! या फिर अपने भावनात्मक संबंध” 

यह तथ्य हमारे जीवन में करियर, सफलता या खूब पैसा आदि से ज्यादा महत्वपूर्ण है और यही हमारी जीवन की सबसे बड़ी शिक्षा या पूंजी है।

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अंत में:

मानव स्वभाव के अनुसार मनोवैज्ञानिक एवं साइकोलॉजी के रोचक बातें जो कि अक्सर आपको कही न कहीं दिख ही जाती होंगी। मनुष्य ईश्वर की सबसे अनोखी रचना है जो इस तरह के आश्चर्य से भरी पड़ी है। 

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